राजस्थान। अघोर विद्या, तंत्र-मंत्र, श्मशान साधना और भूत-प्रेत की रहस्यमयी दुनिया को लेकर लोगों के बीच हमेशा से जिज्ञासा रही है। इन्हीं विषयों पर भारत पॉडकास्ट में तांत्रिक अजीत अघोरी ने खुलकर बातचीत की। उन्होंने अघोर साधना, महाकाल और काल भैरव की उपासना से लेकर तंत्र से जुड़ी कई प्रचलित मान्यताओं पर अपने अनुभव और विचार साझा किए। भगवान शिव को पाने का मार्ग है अघोर: अजीत अघोरी अजीत अघोरी ने बताया कि उनके अनुसार अघोर भगवान शिव तक पहुंचने का एक आध्यात्मिक मार्ग है। इस साधना में व्यक्ति भय, घृणा और सामाजिक भेदभाव जैसी भावनाओं से ऊपर उठने का प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि अघोर मार्ग केवल साधु-संतों तक सीमित नहीं है, बल्कि परंपरा और उचित मार्गदर्शन के अनुसार गृहस्थ जीवन में भी आध्यात्मिक साधना की जा सकती है। श्मशान साधना और चिता के रहस्यों पर हुई चर्चा पॉडकास्ट में श्मशान साधना को लेकर भी विस्तार से बातचीत हुई। अजीत अघोरी के मुताबिक अघोर परंपरा में श्मशान का विशेष महत्व है, क्योंकि यहां साधक मृत्यु और भय की वास्तविकता का सामना करता है। उन्होंने शव, चिता और उनसे जुड़ी कुछ अघोर परंपराओं पर भी अपनी बात रखी। हालांकि, अघोर साधना से संबंधित ऐसी कई प्रथाएं धार्मिक मान्यताओं और परंपरागत विवरणों पर आधारित हैं तथा इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। महाकाली, महाकाल और काल भैरव की साधना का किया जिक्र बातचीत के दौरान अजीत अघोरी ने महाकाली, महाकाल, काल भैरव और 64 योगिनी से जुड़ी साधनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि कुछ साधक विशेष तांत्रिक साधनाओं और सिद्धियों का अभ्यास करते हैं, लेकिन वास्तविक साधक अपनी कथित सिद्धियों का सार्वजनिक प्रदर्शन करने से बचते हैं। असली और नकली अघोरी पर भी बोले आज के समय में अघोरी के नाम पर होने वाले दिखावे पर अजीत अघोरी ने कहा कि केवल वेशभूषा बदल लेने या श्मशान में दिखाई देने से कोई व्यक्ति अघोरी नहीं बन जाता। उनके अनुसार अघोर एक कठिन साधना, अनुशासन और आध्यात्मिक जीवन से जुड़ा मार्ग है। संतान, प्रेम, व्यापार और कर्ज से जुड़े तांत्रिक उपायों का दावा भारत पॉडकास्ट में अजीत अघोरी ने संतान प्राप्ति, प्रेम संबंध, व्यापार, कर्ज और वैवाहिक समस्याओं से जुड़े कुछ पारंपरिक एवं तांत्रिक उपायों का भी उल्लेख किया। साथ ही उचाटन कर्म, बाणतंत्र और मारण क्रिया जैसी तांत्रिक अवधारणाओं पर भी चर्चा हुई। ये उपाय और दावे धार्मिक अथवा तांत्रिक मान्यताओं पर आधारित हैं और इनकी प्रभावशीलता के वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। स्वास्थ्य, प्रजनन, आर्थिक या गंभीर व्यक्तिगत समस्याओं में संबंधित योग्य विशेषज्ञ की सलाह लेना महत्वपूर्ण है। अघोर की रहस्यमयी दुनिया पर खुलकर हुई बातचीत भारत पॉडकास्ट में अजीत अघोरी के साथ हुई इस बातचीत में अघोर परंपरा को केवल डर, भूत-प्रेत और श्मशान तक सीमित न रखते हुए उसके आध्यात्मिक पक्ष पर भी चर्चा की गई। अजीत अघोरी ने अपने अनुभवों और मान्यताओं के आधार पर अघोर साधना और तंत्र से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए। पॉडकास्ट में सामने आए अलौकिक या तांत्रिक दावों को अजीत अघोरी के व्यक्तिगत विचार और धार्मिक मान्यताओं के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि प्रमाणित वैज्ञानिक तथ्य के रूप में। भारत पॉडकास्ट में अजीत अघोरी ने खोले अघोर विद्या के रहस्य, श्मशान साधना से तंत्र-मंत्र तक कई मुद्दों पर की बात Post navigation Sujata Dey Painting Master – Victory Of The Fulfillment Of An Artist’s Dream Gulshan Nagpal on Bharat Podcast: “Thoughts Shape Your Personality”