Deepak Saraswat Turned Down The proposal of the national president Of Rashtriya Yuva Munch – saying there is much to learn

ठुकराया राष्ट्रीय अध्यक्ष का प्रस्ताव, बोले सारस्वत ‘अभी बहुत कुछ सीखना बाकी है’ राष्ट्रीय युवा मंच एक अरसे से सामाजिक व राजनैतिक गलियारों में कई मुद्द्दों को लेकर शोर मचता रहा है. लेकिन कई ऐसी संस्थाएं व सामाजिक संगठन प्रभावशाली युवाओं के संचालन से विहीन है. वक़्त आ गया है जब देश व समाज का नेतृत्व युवा पीढ़ी के हाथों में हो. आज युवा टेक्नोलॉजी व स्तर से के माध्यम से आगे बढ़ते जा रहे है, इसलिए अधिकतर संगठन व संस्थाएं युवा संचालकों को अपना प्रतिनिधित्व देना चाहतीं हैं. हाल ही में राष्ट्रीय युवा मंच के शीर्ष प्रमुख श्री प्रथमेश शिंदे ने जानेमाने वक्ता व समाजसेवक दीपक सारस्वत को राष्ट्रीय अध्यक्षता देने का प्रस्ताव दिया. परन्तु सारस्वत बोले ये समय उनका किसी संगठन की बागडोर सँभालने का नहीं बल्कि समाज की आवाज़ उठाने का और सेवा करने का समय है. आज समाज कई समस्याओं से जूंझ रहा है व उनकी आवाज़ उठाने वाले बहुत कम क्रांतिकारी युवा है. समाज को समान व उच्च स्तर पर लाने के लिए सारस्वत ने समय समय पर कई आंदोलन व सभाओं में हिस्सा लिया व संवैधानिक लड़ाई भी लड़ी है. राम मंदिर मिशन, धारा 370, आर्टिकल 15 और आर्टिकल 334 संशोधन के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक अपनी बात पहुंचते भी रहे है. सारस्वत ने  कई सभाएं सम्बोधित भी की हैं और कई आंदोलनों में भी शामिल होते रहे हैं. सारस्वत का कहना है- जब लाखों लोग उनसे सेवा और संघर्ष चाहते है तो किसी संगठन की बागडोर सँभालने का कार्य चुनौती पूर्ण होगा. इसलिए बिना पद के सेवा करने का संकल्प दीपक सारस्वत अपना समय समाज और उनके मुद्दों पर देना चाहते है. दीपक सोशल मीडिया पर – Deepak Saraswat ‘आवाज़ हिंदुस्तान की’ नामक पेज से कई मुद्दों पर लाइव रहते है, जहाँ उन्हें सुनने वाले लाखों लोग अनुसरण भी करते है. Twitter पर भी उन्हें -@DirectorDeepak और youtube...

Film Ruhani : The debate on the film Ruhani being created, the story is on the private life of an actress

फिल्म रूहानी के बनने पर विवाद चालू ,कहानी किसी एक्ट्रेस की निजी ज़िन्दगी पर है फिल्म रूहानी अभी बनना भी शुरू नहीं हुई, की विवादों के घेरे में आ गयी ,बॉलीवुड की जानी मानी एक्ट्रेस सुनीता सिंह ने इल्जाम लगाया है की फिल्म रूहानी की कहानी उनकी जिंदगी पर आधारित है , फिल्म के लेखक रोहित प्यारे ने उनके जीवन के पहलुओं को इस कहानी में उतारा है। गौरतलब है की फिल्म के निर्देशक दीपक सारस्वत फिल्म रूहानी की शूटिंग की तैयारियों में व्यस्त है, फिर ऐसा विवादित बयान से फिल्म निर्माताओं और कलाकारों में हलचल मच गयी है. हालांकि फिल्म के लेखक और निर्देशक का कहना है की फिल्म की कहानी लिखने के दौरान सुनीता जी को कहानी सुनाई गयी थी, और उन्हें उससे कोई आपत्ति भी नहीं थी, फिल्म के कई पहलु काल्पनिक है और उनका सुनीता जी की कहानी से कोई लेना देना नहीं है। फिल्म भूत की एक कहानी पर आधारित है, हॉरर के लुक के लिए नए आर्टिस्टों को भी चांस दिया जा रहा है। फिल्म लगभग प्री प्रोडक्शन ख़त्म कर चुकी है, अभी तक कोई खास जानकारी नहीं दी गयी है की फिल्म में और कौन कौन से लोग काम कर रहे है औरइसकी शूटिंग कहा की जायेगी निर्देशक दीपक सारस्वत जल्द ही इस फिल्म को शूट पर ले जाने की घोषणा करने वाले है। देखना ये है की ये विवाद कैसे सुलझेगा , और प्रोडक्शन टीम की तरफ से क्या औपचारिक बयान आता...

Film  UNTITLED Is Scheduled To Shoot In 20 Days In Direction of Deepak Saraswat

टॉप म्यूजिक एंटरटेनमेंट के बैनर तले बन रही फीचर फिल्म ‘Untitled’ की शूटिंग बोरीवली के एक स्टूडियो में शुरू हुई. फिल्म निर्माता सुरजीत सिंह है और दीपक सारस्वत के निर्देशन में बन रही फिल्म का पहला शेडूल शूट किया गया. फिल्म सामाजिक तत्यो को उजागर करती है और क्राइम को रोकने में पुलिस की क्या भूमिका है उसको भी दर्शाती है. फिल्म में करीब २० से ज्यादा अभिनेताओं और आर्टिस्ट के काम करने की आशंका है. फिल्म को ३ अलग अलग लोकेशन पर शूट किया जाएगा। फिल्म का नाम अभी उजागर न करते हुए उसे शुरू कर दिया है,  फिल्म जल्दी ही बनके कम्पलीट हो जाएगी और उम्मीद लगायी जा रही है 2018 के शुरुआत में ही फिल्म दर्शको के सामने आ जाएगी. फिल्म की कास्ट अभी तो नई है, बाद में इसमें बड़े और अच्छे कलाकारों को भी जोड़ने की आशंका  है. फिल्म के शुरुआत में ही क्लाइमेक्स की शूटिंग कि जा रही है, और उसे और भी अच्छी बनाने पर काम किया जा रहा है. – इंडियन एक्सप्रेस न्यूज़ की रिपोर्ट,...

Deepak Saraswat, a good person along with a good director

दीपक सारस्वत एक अच्छे निर्देशक  के साथ ही एक अच्छे इंसान भी है. मुंबई जब बाढ़ के कहर से गुजरने लगती है तब तमाम समाजसेवक और संस्थाए मदद के लिए आगे आती है. पर सच्चाई ये है की ऐसी आपदा को कई तो पब्लिसिटी स्टंट की तरह इस्तेमाल करते है तो कई राजनैतिक फायदे के लिए। पर एक सख्श जिसने २ दिन अपनी टीम के साथ मिल कर बिना किसी शोर शराबे के अँधेरी स्टेशन पर मुश्किल में फॅसे राहगीरों के लिए फरिस्ते जैसा काम किया. इस काम का न कोई शोर था, न ही कोई पब्लिसिटी। चलिए जानते है इस सख्श के बारे में – एक छोटे शहर से आकर मायानगरी मुंबई में अपनी कला का अलख जगाने वाले ‘दीपक सारस्वत’ आज किसी परिचय का मोहताज नहीं २०११ से अपना फिल्मी करियर शुरू करने के साथ अपनी किस्मत को संघर्ष से पछाड़ने वाले दीपक सारस्वत ने आज तमाम छेत्रो में अपनी उपलब्धियो का लोहा मनवाया है. वह एक अच्छे लेखक, कवि और निर्देशक तो है ही, साथ ही एक अच्छे प्रवक्ता, कुटिल विचारक, नमस्कार न्यूज़, नमस्कार प्रोडक्शन व् नमस्कार चाय जैसे ब्रांड के मालिक भी है । अपने जीवन के कठोर दिनों को याद करते हुए सारस्वत बताते है कि बिना पहिचान के मुंबई आना और टिकना यहाँ सपनो जैसा है, न कोई इज्जत है और ना ही कोई आश्रय। कई नामचीन कंपनीयो के टीवी ऐड बनाने के साथ ही कई अवार्ड विजेता फिल्मो के लेखक और निर्देशक रहे है. नमस्कार प्रोडक्शन बैनर के तले कुछ अवार्ड शो भी कर चुके है और भारत सरकार के लिए कुछ प्रोजेक्ट का भी निर्माण भी कर चुके है. २० से ऊपर टीवी ऐड बनाने वाले दीपक सारस्वत आज कल अपनी फीचर फिल्म के प्रोडक्शन में व्यस्त है, साथ ही सामाजिक कार्यो में समान्तर कार्यरत है। पिता के ‘सीमा सुरक्षा बल’ में होने के कारन सारस्वत में देशभक्ति कूट कूट कर भरी है, उनके किसी...

Bhagvita Gita Should be Declared as National Book: Filmmaker Deepak Saraswat backs SushmaSwaraj by his Views

At the occasion of ‘Gita PrernaMahotsav’ a new row was created to seek national scripture status for Bhagvad Gita. Speaking about the same, filmmaker Director Deepak Sharma Saraswat, told us that Bhagvad Gita has bunch of flowers woven together to form beautiful garland. It is divine nectar with a scientific approach for both ephemeral and eternal world of human life. To be noted Director Deepak Sharma Saraswat has been associated with Rashtra Hindu Sangathan and have always been vocal about his views on religion and politics. When External Affairs Minister SushmaSwaraj triggered the cause, it created a rage among the supporters of aggressive Hindu Sangthans.   “Irrespective of religion people have praised the greatness of Bhagvad Gita. This holy book calls of action to meet obligations and duties of life. The best thing is that it maintains the spiritual touch which is the basis of human life”, said Deepak Saraswat while talking about allowingBhagvad Gita as a compulsory subject in schools. According to him, every child should know the importance of culture. He also said that Bhagvad Gita helps him to move from state of confusion to state of clear vision. Hindu saints have told us that if you wish to attain salvation, Bhagvad Gita is the simplest way. Gita is followed by western scholars and even multinational companies are resorting to Gita for management lessons. Filmmaker Deepak Saraswat vociferously promoting the idea of declaring Bhagvad Gita a national scripture as he believes that dis courses of any great Indian saint are always inspired by the greatest teachings of Gita. He also supported the saints who are providing the knowledge of Gita in simple manner. Sushma Swaraj has also said,” Bhagavad Gita has answers to everybody’s problems and that’s why I said it while standing in the Parliament that, ‘ShrimadBhagwad Gita’ should be declared as the national holy book.”...